जिला अस्पताल में बिजली गुल जनरेटर ठप टॉर्च की रोशनी में हो रही डिलीवरी क्या यही है विष्णुदेव साय का सुशासन- झूमूकलाल दीवान मेरा कोंडागांव बदल रहा है पर किस दिशा मे जा रहा यह सोचने का विषय है

जिला अस्पताल में बिजली गुल जनरेटर ठप टॉर्च की रोशनी में हो रही डिलीवरी क्या यही है विष्णुदेव साय का सुशासन- झूमूकलाल दीवान मेरा कोंडागांव बदल रहा है पर किस दिशा मे जा रहा यह सोचने का विषय है

15-Jun-2025    10:33:25 am    20    सावन कुमार- संपादक

कोंडागांव - जिले के मातृत्व एवं शिशु अस्पताल (MCH) की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है कोंडागांव जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष झूमूकलाल दीवान ने प्रेस के माध्यम से कहा हमें बार बार शिकायत मिल रही थी जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर हम टीम के साथ निरिक्षण मे पहुंचे जिला अस्पताल जहां पर हमें मिला अस्पताल में बिजली गुल हो जाने के बाद पूरे परिसर में अंधेरा छा रहा था स्थिति तब और भी चिंताजनक हो गई जब यह पता चला कि अस्पताल का जनरेटर भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में अस्पताल स्टाफ को मजबूरन मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है।पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष झुमुकलाल दिवान जब निरीक्षण के लिए अस्पताल पहुंचे, तो उनको इलाज करने आए परिजनों ने बताया कि एक गर्भवती महिला की डिलीवरी टॉर्च की रोशनी में की जा रही है। यह सुन कर  वे भड़क उठे और उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। दिवान ने कहा – “मेरा कोण्डागांव जिला बदल रहा है, लेकिन किस दिशा में, यह सुन व देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर मातृत्व अस्पताल में टॉर्च से डिलीवरी हो रही है, तो यह सरकार की संवेदनहीनता का घोर प्रमाण है।
*अस्पताल बना रिफर सेंटर, अव्यवस्थाओं का अड्डा*
दिवान ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि केवल "रिफर सेंटर" बनकर रह गया है। गंभीर मरीजों को तत्काल अन्य बड़े अस्पतालों के लिए भेज दिया जाता है क्योंकि यहां जरूरी सुविधाएं ही मौजूद नहीं हैं।
*शौचालय और पेयजल व्यवस्था बदहाल*
अस्पताल का शौचालय इतना गंदा पानी और जर्जर हालत में है कि मरीजों और परिजनों को बड़ी कठिनाई होती है। नालियों से बदबू फैल रही है और टंकियों में पानी नहीं है। वहीं, अस्पताल परिसर में पीने के पानी की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गर्मी में मरीजों को और परेशानी हो रही है।
*जनरेटर केवल नाम का – नहीं है इमरजेंसी बिजली व्यवस्था*
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी बताया कि अस्पताल में जनरेटर तो है, लेकिन वह कई बार खराब रहता है या डीज़ल नहीं होने के कारण उपयोग में नहीं लाया जा सकता। ऐसी स्थिति में बिजली गुल होते ही पूरा अस्पताल अंधकार में डूब जाता है।

*MCH बिल्डिंग मे स्विच बोर्ड तक खुले हैं*
मातृत्व शिशु अस्पताल मे लापरवाही की बात सामने आई है जिसे कई लोगों ने पुष्टि भी किया है बेड मे लगे स्विच बोर्ड खुले हैं कभी भी बड़ी दुर्घटना घटित होने की पुरी संभावना है।

*इमरजेंसी मे नहीं उठाते जिम्मेदार अधिकारी फोन*
ज़ब क्षेत्र से जुडी किसी घटना दुर्घटना के समय जिम्मेदार अधिकारीयों को फोन लगाया जाता है तो फोन उठाना तक उचित नहीं समझते हैं अस्पताल अधीक्षक तो स्वयं को अधिकारी शासकीय सेवक नहीं बल्कि नेता या शासक समझते हैं वे जिस तरिके से मरीज अटेंडर या अन्य किसी अन्य के साथ जिस रौब अदब से पेश आते हैं उसे देख नहीं लगता की अधिकारी हैं या शासकीय सेवक हैं बल्कि उनके ठसन और बातों को देख लगता है नेता या शासक हैं।खबर तो यह भी मिला है की कोई भी आम व्यक्ति अगर अस्पताल परिसर मे अपने मोबाईल फोन से अगर वीडियो बनाते दिख गया तो उसको बुलाकर जोरदार फटकार लगाते हैं अधिक्षक महोदय यानि किस राज के खुलासे का डर है यह बताना होगा।

*सरकार पर बोला हमला*
दिवान ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखा हमला करते हुए कहा – “यह हालत अगर कोंडागांव जिला अस्पताल की है, तो प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों का क्या हाल होगा? क्या यही है विष्णुदेव साय का सुशासन?” उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है और यह भी कहा है कार्यवाही मे देरी या खानापूर्ति किये जाने पर कांग्रेस पार्टी जिला अस्पताल का घेराव करेगी।
अस्पताल निरीक्षण के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष झूमूकलाल दीवान, और भी मौजूद रहे।